हिज्बुल आतंकवादी पर SIA का शिकंजा, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी
Saturday, Jul 11, 2026-05:52 PM (IST)
श्रीनगर ( मीर आफताब ) : कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने 2013 के आतंकी हमले के मामले में हिज्बुल मुजाहिदीन के घोषित आतंकवादी इम्तियाज़ अहमद कंडू (उर्फ़ फयाज़, उर्फ़ सज्जाद) के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया है। एक बयान के अनुसार, यह नोटिस अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आरोपी का पता लगाने, उसे हिरासत में लेने और भारत में मुकद्दमा चलाने के लिए उसके प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने में मदद करेगा।
बयान में कहा गया है कि यह मामला 23 अप्रैल, 2013 को सोपोर के ह्यगाम इलाके के पीर मोहल्ला में हुए आतंकी हमले से जुड़ा है, जहां आतंकवादियों ने पुलिस पार्टी पर हमला किया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस के चार जवान शहीद हो गए थे।

इसमें कहा गया है, "यह मामला शुरू में सोपोर के तारज़ू पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था और बाद में विस्तृत जांच के लिए 2024 में SIA कश्मीर को सौंप दिया गया था।"
इसमें आगे बताया गया कि SIA ने जांच पूरी की, नए सबूतों के आधार पर और अपराध जोड़े और जुलाई 2024 में सक्षम ट्रायल कोर्ट में छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
बयान में कहा गया, "जांच और उसके बाद के अभियानों के दौरान, दो आरोपी—हंदवाड़ा के कलामाबाद निवासी तारिक अहमद मीर और सोपोर के बाटापोरा निवासी कयूम नज्जर—सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए, जबकि सोपोर के जावेद अहमद मट्टू, सोपोर के रऊफ नज्जर और श्रीनगर के दलाल मोहल्ला निवासी अहमदउल्लाह मल्ला को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन पर मुकद्दमा चल रहा है। छठा और मुख्य आरोपी, इम्तियाज़ अहमद कंडू, फरार है और माना जाता है कि वह पाकिस्तान भाग गया है।"
इसमें आगे कहा गया है कि इम्तियाज़ अहमद कंडू 2010 से प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन का सक्रिय सदस्य और कमांडर रहा है। "आतंकवादी गतिविधियों में लगातार शामिल रहने के कारण, भारत सरकार ने अक्टूबर 2022 में उसे 'घोषित व्यक्तिगत आतंकवादी' (Designated Individual Terrorist) के रूप में अधिसूचित किया था।" इसमें कहा गया है कि जांच से हाइगाम आतंकी हमले में कांडू की सक्रिय और मुख्य भूमिका का पता चला है और साथ ही आतंकी गतिविधियों के एक बड़े नेटवर्क में उसकी संलिप्तता का भी खुलासा हुआ है। इसमें कहा गया है, "मौजूदा मामले के अलावा, वह कम से कम दस अन्य आतंकी मामलों में वांछित है, जिनमें आतंकी हमले, लक्षित हत्याएं (जिनमें 15 से अधिक लोगों की मौत हुई), हथियार और गोला-बारूद की तस्करी तथा नार्को-टेरर फाइनेंसिंग शामिल हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियों की लगातार कोशिशों के बावजूद, वह गिरफ्तारी से बचता रहा।"
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