Kashmir : फल उत्पादक न करें जल्दबाजी, जारी हुई चेतावनी
Wednesday, Sep 23, 2026-01:32 PM (IST)
श्रीनगर(मीर आफताब): कश्मीर में फल उत्पादकों को सेब की समय से पहले तुड़ाई न करने की सलाह दी गई है। उत्पादकों के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि सही रंग और परिपक्वता (maturity) आने से पहले फल तोड़ने से क्वालिटी और बाजार की मांग दोनों पर बुरा असर पड़ सकता है।
यह सलाह सेब की तुड़ाई के मौजूदा मौसम के बीच आई है, जब कुछ उत्पादकों ने कुछ मंडियों में ऊंची कीमतों की खबरें और विज्ञापन देखकर सामान्य समय-सारणी से पहले ही सेब तोड़ना शुरू कर दिया है।
फ्रूट ग्रोअर्स एसोसिएशन कश्मीर के अध्यक्ष बशीर अहमद बशीर ने कहा कि उत्पादकों को समय से पहले तुड़ाई से बचना चाहिए और कीमतों के अस्थायी उतार-चढ़ाव का फायदा उठाने की कोशिश करने के बजाय क्वालिटी पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुछ उत्पादकों ने कुछ मंडियों में ऊंची कीमतों के विज्ञापन देखकर तय समय से पहले ही अपने सेब तोड़ने शुरू कर दिए। इसके परिणामस्वरूप कम रंग और अपेक्षाकृत कम ग्रेड वाले सेब बड़ी मात्रा में बाजारों में पहुंचे, जिससे अंततः मांग और कीमतों पर असर पड़ा।
उन्होंने कहा कि कुछ उत्पादक सस्ते या अनुपयुक्त पैकिंग मटीरियल का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसके कारण परिवहन और हैंडलिंग के दौरान सेब पर कभी-कभी खरोंच और अन्य निशान पड़ जाते हैं।
उन्होंने कहा कि उत्पादकों को ग्रेडिंग पर भी उचित ध्यान देना चाहिए। कभी-कभी, दूसरी या तीसरी परत में दूसरे या तीसरे ग्रेड के सेब पैक किए जाते हैं, जबकि बेहतर क्वालिटी वाले सेब केवल ऊपरी परत पर रखे जाते हैं। बक्से खुलने पर ऐसी हरकतें आसानी से पकड़ में आ जाती हैं और पूरे कंसाइनमेंट के बारे में नकारात्मक प्रभाव पैदा कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि उत्पादकों को केवल असामान्य रूप से ऊंची कीमतों वाले विज्ञापनों से प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्हें पहले फल की परिपक्वता और रंग का आकलन करना चाहिए और फिर उसे तोड़ना चाहिए। उचित ग्रेडिंग और अच्छी क्वालिटी का पैकिंग मटीरियल भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
इसलिए उत्पादकों को सलाह दी गई है कि वे क्वालिटी-ओरिएंटेड दृष्टिकोण अपनाएं ताकि कश्मीर के सेब के कंसाइनमेंट की मांग बनी रहे और समय से पहले तुड़ाई, खराब ग्रेडिंग या अनुचित पैकिंग के कारण कीमतों में गिरावट का सामना न करना पड़े।
