Article 370 की बरसी पर J&K में हंगामा, पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता, कई नेता हिरासत में

Wednesday, Aug 05, 2026-12:38 PM (IST)

जम्मू डेस्क(मीर आफताब/तनवीर सिंह/दिनेश ठाकुर): Article 370 और 35A को हटाए जाने की 7वीं सालगिरह पर पूरे केंद्र शासित प्रदेश में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इस दौरान कई पार्टियों और लोगों द्वारा आज के दिन को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार Article 370 और 35A को हटाए जाने की 7वीं सालगिरह पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया और खास संवैधानिक प्रावधानों को फिर से लागू करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और भारत सरकार से Article 370 और 35A को फिर से लागू करने की अपील की।

पाबंदियों के बावजूद नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) और कई अन्य राजनीतिक संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 5 अगस्त, 2019 के संवैधानिक बदलावों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने की कोशिश की।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्यालय 'नवा-ए-सुबह' में पार्टी नेता अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A को खत्म किए जाने के खिलाफ अपना विरोध दोहराने के लिए इकट्ठा हुए। साथ ही, पार्टी ने एक ऑनलाइन अभियान भी शुरू किया और कहा कि संवैधानिक बदलावों पर उसका रुख पहले जैसा ही है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक पोस्ट में कहा, "हमारा रुख नहीं बदला है: हम 5 अगस्त 2019 के फैसलों को स्वीकार नहीं करते हैं।"

शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने NC के कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए "काला दिन" बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक बदलावों ने लोगों को उनकी संवैधानिक गारंटी, राज्य का दर्जा और ज़मीन व रोज़गार से जुड़ी सुरक्षा से वंचित कर दिया।

मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने पत्रकारों को बताया कि 5 अगस्त ने लोगों के अधिकार और संवैधानिक सुरक्षा छीन ली है। उन्होंने राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा बहाल करने की अपनी पार्टी की मांग को फिर से दोहराया।

पुलिस ने गांदरबल में अनुच्छेद 370 और 35A को हटाने के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के दौरान PDP के गांदरबल ज़िला अध्यक्ष ज़हूर अहमद राथर और अन्य नेताओं को गिरफ़्तार किया। अनुच्छेद 370 और 35A को हटाने की बरसी पर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध-प्रदर्शन करने और अपनी आवाज़ उठाने के दौरान इन नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।

जम्मू-कश्मीर 2019 से पहले राज्य हुआ करता था और वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने पार्लियामेंट में 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया। वहीं नेशनल कांफ्रेंस 2019 से लेकर आज तक इस दिन को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाती है। वहीं आज नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मिलकर एक धरना प्रदर्शन किया और जब धरना प्रदर्शन करने के लिए नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकर्ता और नेता सड़क की तरफ बड़े तो पुलिस और कार्यकर्ता और नेताओं के बीच में काफी ज्यादा झड़प भी देखने को मिली। पुलिस ने नेशनल कांफ्रेंस के लीडर्स और कार्यकर्ताओं को आगे जाने से रोका जिसके बाद पुलिस और कार्यकर्ताओं और नेताओं में झड़प हो गई।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी इल्तिजा मुफ़्ती ने भी 5 अगस्त को श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया और अनुच्छेद 370 व 35A को बहाल करने की मांग की।

वहीं रियासी में भी 5 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 11:25 बजे, कांग्रेस पार्टी के करीब 20-22 कार्यकर्ता थापा चौक, रियासी में 05 अगस्त 2019 की घटनाओं के विरोध में "काला दिवस" ​​मनाने के लिए इकट्ठा हुए।

प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने 05 अगस्त 2019 की घटनाओं के खिलाफ नारे लगाए और काले झंडे तथा "काला दिवस" ​​लिखा हुआ बैनर दिखाया। उन्होंने "जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है" जैसे नारे भी लगाए।

विरोध प्रदर्शन लगभग 4-5 मिनट तक चला, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया। इस दौरान कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और युवा नेताओं को हिरासत में लिया गया, जिनमें मुंशी राम सलालिया, नरेश कुमार, मनिंदर कुमार, इम्तियाज वानी और अन्य शामिल थे। प्रदर्शनकारियों के हटने के बाद स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में रही।

बनिहाल पुलिस स्टेशन के SHO से मिली जानकारी के अनुसार, PDP के जनरल सेक्रेटरी इम्तियाज़ शान और PDP नेता शौकत डेंग ने आर्टिकल 370 और 35-A को लेकर डाक बंगला, बनिहाल में विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। इस दौरान मौके पर लगभग 20-25 लोग इकट्ठा हुए हैं।

वहीं आज 5 अगस्त, 2026 को सुबह लगभग 11 बजे, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की बरसी और राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर कठुआ के कालीबाड़ी में लगभग 60-70 कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने कठुआ के DC ऑफिस की ओर बढ़ने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव किया और उन्हें रोक दिया। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

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Content Writer

Sunita sarangal

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