J&K में ‘लाइफलाइन’बनने जा रहा पुल.... कई गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
Saturday, Sep 19, 2026-02:43 PM (IST)
परगवाल ( रोहित मिश्रा ) : सीमावर्ती क्षेत्र परगवाल के लोगों के लिए चिनाब नदी पर निर्माणाधीन इंदरी-पट्टन–परगवाल पुल महज एक पुल नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही परेशानी, असुरक्षा और लंबी दूरी से राहत की एक बड़ी उम्मीद बनकर सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुल की उन्हें लंबे समय से बेहद आवश्यकता थी और इसके निर्माण से क्षेत्र की तस्वीर और लोगों की जिंदगी दोनों बदलने वाली हैं।
करीब 1,640 मीटर लंबा डबल-लेन पुल परगवाल, सजवाल, इंदरी-पट्टन तथा आसपास के गांवों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ेगा। स्थानीय स्तर पर इसे क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाओं में गिना जा रहा है। पुल के पूरा होने के बाद सजवाल और इंदरी-पट्टन के बीच की दूरी मौजूदा करीब 47 किलोमीटर से घटकर लगभग 5 किलोमीटर रह जाने की उम्मीद है।
‘पुल नहीं, परगवाल के लिए जीवनरेखा’
ग्रामीणों का कहना है कि आज तक परगवाल क्षेत्र के लोगों को कई जरूरी कामों के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। सरकारी कार्यालयों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने के लिए लोगों को करीब 50 किलोमीटर तक का अतिरिक्त सफर करना पड़ता था। इसमें न केवल यात्रा पर पैसा खर्च होता था, बल्कि पूरा दिन आने-जाने में निकल जाता था।
पुल के निर्माण के बाद लोगों को इस परेशानी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। समय बचेगा, यात्रा खर्च कम होगा और लोगों को अपने जरूरी काम निपटाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
एक तरफ अंतरराष्ट्रीय सीमा, दूसरी तरफ उफनता चिनाब
सीमावर्ती परगवाल क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस पुल का महत्व और भी बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब भी सीमा पर तनाव या सीजफायर उल्लंघन जैसी स्थिति पैदा होती थी, तो ग्रामीणों के सामने सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की बड़ी चुनौती रहती थी। एक ओर अंतरराष्ट्रीय सीमा और दूसरी ओर चिनाब नदी—ऐसे हालात में लोगों के पास सुरक्षित निकासी के सीमित विकल्प ही रह जाते थे।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार खतरे की स्थिति में उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। ऐसे में चिनाब पर बन रहा यह पुल भविष्य में क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक संपर्क मार्ग साबित हो सकता है।
25 से 30 हजार लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
स्थानीय लोगों के मुताबिक इस पुल से परगवाल और आसपास के क्षेत्रों की करीब 25 से 30 हजार की आबादी को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है। पुल के निर्माण से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि गतिविधियों और रोजमर्रा के आवागमन को भी गति मिलने की संभावना है।
ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा सरकार का आभार जताते हुए कहा कि जिस पुल का लंबे समय से इंतजार था, उसका निर्माण सीमावर्ती क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात है। उनका कहना है कि पुल तैयार होने के बाद परगवाल क्षेत्र मुख्य सड़क संपर्क से कहीं अधिक मजबूती से जुड़ सकेगा।
आपदा और सीमा तनाव में भी बनेगा मजबूत वैकल्पिक मार्ग
सीमावर्ती क्षेत्र होने के साथ-साथ चिनाब नदी के कारण परगवाल की कनेक्टिविटी प्राकृतिक आपदाओं के समय भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में यह पुल सामान्य आवागमन के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में वैकल्पिक संपर्क मार्ग के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
ग्रामीणों की उम्मीद है कि पुल के पूरी तरह तैयार होने के बाद परगवाल के लोगों को वर्षों पुरानी दूरी और असुविधा से स्थायी राहत मिलेगी। जिस चिनाब को पार करना कभी बड़ी चुनौती हुआ करता था, उसी चिनाब पर बन रहा यह पुल अब परगवाल की तरक्की और सुरक्षा की नई राह खोलने जा रहा।
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