Kashmir में फैल रही बीमारी, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवायजरी
Saturday, May 09, 2026-05:04 PM (IST)
गांदरबल(मीर आफताब): गांदरबल के निवासियों ने मौसमी पेड़ों से निकलने वाले सफेद, रुई जैसे रोएं के बढ़ते फैलाव पर गंभीर चिंता जताई है। उनका आरोप है कि हवा में उड़ने वाले ये कण पूरे जिले में एलर्जी, सांस लेने में दिक्कत और स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं पैदा कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़कों के किनारे, रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक जगहों पर पाए जाने वाले, रुई गिराने वाले ये पेड़ मौजूदा मौसम में एक बड़ी परेशानी बन गए हैं। लोगों ने बताया कि ये रोएं हवा के ज़रिए तेजी से फैल रहे हैं और घरों, स्कूलों, बाजारों तथा दफ्तरों में घुस रहे हैं, जिससे कई निवासियों का रोजमर्रा का जीवन मुश्किल हो गया है।
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग नागरिक, बच्चे और अस्थमा तथा सांस की बीमारियों से पीड़ित मरीज़ इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कई परिवारों ने हवा में उड़ने वाले इन रोएं के लगातार संपर्क में आने के कारण लगातार खांसी, गले में जलन, छींकें आना, आंखों में एलर्जी और सांस लेने में तकलीफ़ की शिकायत की है।
निवासियों ने कहा कि यह समस्या केवल गांदरबल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कश्मीर घाटी के अलग-अलग हिस्सों से भी इसी तरह की शिकायतें आ रही हैं, जहां मौसमी पराग और रुई जैसे कण लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों और नगर निगम के अधिकारियों से अपील की है कि वे एलर्जी पैदा करने वाले इन कणों के फैलाव को कम करने और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी खतरों से बचाने के लिए तत्काल एहतियाती कदम उठाएं; इन कदमों में ऐसे पेड़ों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना या उन्हें हटाना शामिल है।
इस बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष रूप से बच्चों, बुज़ुर्ग नागरिकों और एलर्जी के मरीज़ों को सलाह दी है कि वे दिन के सबसे व्यस्त समय में बिना ज़रूरत बाहर न निकलें, ज़रूरत पड़ने पर मास्क पहनें, और अगर एलर्जी या सांस लेने से जुड़े लक्षण गंभीर रूप ले लें, तो डॉक्टर से सलाह लें।
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