J&K: गरीबों के दस्तावेजों से करोड़ों का लोन घोटाला, मुख्य आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
Tuesday, Jan 27, 2026-08:05 PM (IST)
पुंछ (धनुज शर्मा): जिला मोबाइल मजिस्ट्रेट, पुंछ की अदालत ने एक बड़े बैंक लोन घोटाले के मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने थाना पुंछ में दर्ज एफआईआर नंबर 216/2025 के तहत आरोपी आसिफ अली ज़रदारी और खुर्शीद हुसैन की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120-बी समेत अन्य गंभीर धाराओं से जुड़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने गरीब और अशिक्षित लोगों को झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक दस्तावेज़ हासिल किए। इसके बाद फर्जी चालान और नकली फर्में बनाकर बैंकों से व्यावसायिक उपकरण ऋण स्वीकृत करवाए गए।
आरोपियों ने एम/एस राजा ट्रेडर्स के नाम से एक फर्जी फर्म बनाकर जम्मू-कश्मीर बैंक की विभिन्न शाखाओं से करीब 10 फर्जी लोन मंजूर करवाए और बिना किसी उपकरण की खरीद किए पूरी राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली। इस घोटाले में लगभग 1.30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पिछले 3 से 4 वर्षों से इसी तरह की धोखाधड़ी में शामिल रहे हैं। अब तक करीब 24 लोन मामलों में लगभग 2.5 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। आरोपियों के खिलाफ थाना सुरनकोट और थाना पुंछ में भी अन्य एफआईआर दर्ज हैं। बैंक लोन फाइलों में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं और कुछ बैंक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
अभियोजन पक्ष की ओर से यूटी जम्मू-कश्मीर के लिए वरिष्ठ सहायक लोक अभियोजक अजय कुमार सरीन ने जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपियों पर धारा 420, 120-बी, 409, 468 और 471 आईपीसी के तहत गंभीर और गैर-जमानती आर्थिक अपराध बनते हैं।
अभियोजन के अनुसार, आसिफ अली ज़रदारी इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड है, जिसने सह-आरोपी और अन्य लोगों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची, फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए और करोड़ों रुपये के लोन हासिल किए।
अदालत को यह भी बताया गया कि जांच अभी एक अहम चरण में है, ठगी गई राशि की बरामदगी बाकी है और अन्य आरोपियों की पहचान की जानी है। ऐसे में जमानत मिलने पर जांच प्रभावित हो सकती है और गवाहों से छेड़छाड़ की आशंका है।
सभी तथ्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। इस मौके पर एलडी. एपीपी अजय कुमार सरीन ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय जिले में आर्थिक अपराधों में लिप्त लोगों के लिए एक सख्त संदेश है और ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने में सहायक सिद्ध होगा।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here
जम्मू-कश्मीर की खबरें Instagram पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here
