LG सिन्हा की ड्रग तस्करों को Warning, कहा - ''सबसे गहरे ठिकानों में भी ढूंढ निकालेंगे''

Tuesday, May 19, 2026-05:38 PM (IST)

पुलवामा(मीर आफताब): उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मंगलवार को पुलवामा में चल रहे "नशा-मुक्त जम्मू और कश्मीर" अभियान में शामिल हुए और नार्को-आतंकवादियों तथा ड्रग पेडलर्स को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​उन्हें उनके "सबसे गहरे ठिकानों" में भी ढूंढ निकालेंगी।

नशा-विरोधी अभियान के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि प्रशासन का मिशन सिर्फ गिरफ्तारियों से कहीं आगे है और इसका उद्देश्य जम्मू और कश्मीर में सक्रिय नार्को-टेरर नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करना है। उन्होंने कहा कि वे ड्रग पेडलर्स को उनके सबसे गहरे ठिकानों में भी ढूंढ निकालेंगे। उनका मिशन सिर्फ गिरफ्तारियां करना नहीं है, बल्कि नार्को-टेरर साम्राज्य का पूरी तरह से विनाश करना और उस स्रोत को ही उखाड़ फेंकना है जहां से यह ज़हर फैलता है।

LG ने कहा कि पिछले 39 दिनों में पूरे जम्मू और कश्मीर में लोग नशे की बुराई के खिलाफ एकजुट हुए हैं और उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में नशे के दुरुपयोग को लेकर बनी "लंबी चुप्पी" को तोड़ा है। आज वह चुप्पी नशे के खिलाफ एक सामूहिक जन-आक्रोश में बदल गई है। अकेले पुलवामा में ही, हाल ही में 11,000 से अधिक स्थानीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। 48 ड्रग तस्करों के खिलाफ FIR दर्ज की गई हैं, जबकि 56 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। ये आंकड़े आतंकवाद की जड़ों पर सीधे प्रहार को दर्शाते हैं।

सिन्हा ने कहा कि दशकों तक, जम्मू और कश्मीर में ड्रग तस्करी को केवल एक स्थानीय अपराध के रूप में देखा जाता था, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि अब लोगों को ड्रग तस्करी और आतंकवाद के बीच सीधा संबंध समझना होगा। ड्रग तस्कर हमारे युवाओं के भविष्य को बर्बाद करते हैं, जबकि आतंकी संगठन नशीले पदार्थों से होने वाली कमाई का इस्तेमाल जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने के लिए करते हैं। नशे का हर सौदा न केवल एक युवा जीवन को बर्बाद करता है, बल्कि निर्दोष नागरिकों के खिलाफ हिंसा को भी वित्तपोषित करता है। उपराज्यपाल ने कहा कि प्रशासन केंद्र शासित प्रदेश से नशे की बुराई को खत्म करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि तस्करों और पेडलर्स के पास काम करने के लिए कोई जगह न बचे।

सरकार की सख्त कार्रवाई पर प्रकाश डालते हुए, LG ने बताया कि 11 अप्रैल से अब तक, पूरे जम्मू और कश्मीर में लगभग 897 ड्रग तस्करों और पेडलर्स को गिरफ्तार किया गया है। 18 तस्करों के पासपोर्ट रद्द करने की भी सिफ़ारिशें की गई हैं, जबकि 382 आरोपियों के ड्राइविंग लाइसेंस और 386 वाहनों के रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस चल रहे अभियान के दौरान नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी 49 अचल संपत्तियां ज़ब्त की गई हैं और 45 संपत्तियों को गिरा दिया गया है।

प्रवर्तन के मोर्चे पर जम्मू और कश्मीर दोनों डिवीजनों में लगभग 5,045 मेडिकल दुकानों का निरीक्षण किया गया है। 225 दवा दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, 27 रद्द कर दिए गए हैं और नियमों के उल्लंघन के लिए 6 प्रतिष्ठानों के खिलाफ FIR दर्ज की गई हैं।

LG ने यह भी कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान के तहत जम्मू और कश्मीर भर में लगभग 3.93 लाख जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें लाखों नागरिकों ने भाग लिया है। इसके अलावा, सामुदायिक निगरानी और पुनर्वास प्रयासों को मज़बूत करने के लिए 6,646 से अधिक महिला समितियां और 2,997 युवा क्लब बनाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि जम्मू और कश्मीर भर के नशा मुक्ति केंद्रों में अब तक 52,000 से अधिक मरीज़ों का इलाज किया गया है, जबकि नशे की लत से संबंधित 100 से अधिक हेल्पलाइन कॉल रोज़ाना प्राप्त हो रही हैं।

उपराज्यपाल ने कहा कि जैसे-जैसे यह 100-दिवसीय अभियान आगे बढ़ रहा है, लोगों को सतर्क और एकजुट रहना चाहिए। यहां तक ​​कि एक भी नशा तस्कर को रोकना भी जानें बचाता है और घाटी में आतंक के इकोसिस्टम को कमज़ोर करता है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

जम्मू-कश्मीर की खबरें Instagram पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here

 


Content Writer

Sunita sarangal

सबसे ज्यादा पढ़े गए

Related News