Pargwal में गूंजे गणपति बप्पा के जयकारे! सुख-शांति के लिए हुई विशेष पूजा
Monday, Sep 14, 2026-03:05 PM (IST)
अखनूर/परगवाल ( रोहित मिश्रा ) : सीमावर्ती क्षेत्र परगवाल के राम मंदिर में आज गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर भगवान श्री गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने प्रथम पूज्य भगवान गणेश से क्षेत्र, गांव और अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में सुख, शांति एवं समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की। धार्मिक आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन एवं सत्संग का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है। भगवान श्री गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि, विवेक और शुभारंभ का देवता माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी शुभ कार्य से पूर्व भगवान गणेश की पूजा करने से कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। यही कारण है कि इस पावन पर्व को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
परगवाल राम मंदिर में आयोजित पूजा-अर्चना के दौरान भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और सत्संग में भाग लिया तथा पूरे क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्र में अमन-चैन, भाईचारे और शांति बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई।
आयोजकों ने बताया कि परगवाल में प्रतिवर्ष श्रद्धा और धार्मिक परंपरा के अनुसार गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। इस अवसर पर गांव की सुख-शांति, खुशहाली और सीमावर्ती क्षेत्र की शांति के लिए भगवान श्री गणेश से विशेष प्रार्थना की जाती है। उन्होंने बताया कि 25 सितंबर को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का विसर्जन चेनाब नदी में किया जाएगा।
धार्मिक आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश से सभी विघ्नों को दूर करने, गांव में आपसी भाईचारा बनाए रखने तथा सीमावर्ती क्षेत्र में हमेशा शांति और खुशहाली कायम रहने की कामना की।

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