J&K में न्यायिक अधिकारियों की बढ़ी Retirement Age, LG ने जारी किए Orders

Wednesday, Oct 07, 2026-12:39 PM (IST)

श्रीनगर(मीर आफताब): जम्मू-कश्मीर सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल करने को मंज़ूरी दे दी है। यह बदलाव 31 मार्च, 2026 से लागू होगा। यह फैसला 'ऑल इंडिया जजेज़ एसोसिएशन और अन्य' बनाम संबंधित मामलों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में लिया गया है।

कानून, न्याय और संसदीय कार्य विभाग के सरकारी आदेश के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने W.P.(C) नंबर 1022/1989 पर सुनवाई करते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि वे अपने-अपने हाई कोर्ट से सलाह करके न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र 60 साल से बढ़ाकर 61 या 62 साल करने पर विचार करें।

सुप्रीम कोर्ट ने 22 जुलाई, 2026 और 5 अगस्त, 2026 के अपने आदेशों में यह भी निर्देश दिया था कि जहां भी उम्र बढ़ाने पर सहमति बनेगी, वह 31 मार्च, 2026 से लागू होगी। इसका फायदा उन न्यायिक अधिकारियों को भी मिलेगा जो उस तारीख़ या उसके बाद रिटायर हुए हैं, बशर्ते वे तय शर्तों और ज़रूरी ज़रूरतों को पूरा करते हों।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के साथ सलाह-मशविरा करके इस मामले पर विचार किया। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने 30 जुलाई और 12 अगस्त, 2026 के संचार के ज़रिए 10 अगस्त, 2026 को हुई 'फ़ुल कोर्ट' की चर्चा का नतीजा बताया, जिसमें 'फ़ुल कोर्ट' ने रिटायरमेंट की उम्र 62 साल करने की सिफ़ारिश की थी।

हालांकि, यह सिफारिश इस शर्त पर है कि न्यायिक अधिकारी 60 साल की उम्र के बाद भी फ़िट, योग्य, उपयुक्त और काम करने में सक्षम पाए जाएं। इसके बाद इस प्रस्ताव को वित्त विभाग की सहमति मिल गई, जिसने 9 सितंबर, 2026 के एक आधिकारिक पत्र के ज़रिए अपनी मंज़ूरी दी। इसके बाद, मंत्रिपरिषद ने 22 सितंबर, 2026 के निर्णय संख्या 146/12/2026 के ज़रिए इस प्रस्ताव को औपचारिक मंज़ूरी दे दी।

इसी के अनुसार, सरकार ने अब 31 मार्च, 2026 से न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल करने की मंज़ूरी दे दी है। सरकारी आदेश में यह साफ किया गया है कि 60 साल की उम्र के बाद सेवा जारी रखना अपने-आप नहीं होगा; इसके लिए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट द्वारा अधिकारी की फ़िटनेस, योग्यता, उपयुक्तता, कामकाज और आगे भी उनकी उपयोगिता के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।

सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि हाईकोर्ट से सलाह-मशविरा करके संबंधित सेवा नियमों में ज़रूरी बदलाव किए जाएं। यह आदेश जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल के आदेश से जारी किया गया है।

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Content Writer

Sunita sarangal

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