Jammu में बढ़ता चलन, पैट्रोल पंपों पर चार्जिंग के लिए पहुंच रहे वाहन, पढे़ं खबर...

Saturday, Oct 03, 2026-08:23 PM (IST)

जम्मू (विक्की): जम्मू शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ अब पेट्रोल पंपों पर स्थापित चार्जिंग प्वाइंट का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है। शहर के एक चार्जिंग स्टेशन पर रोजाना करीब 8 से 10 इलैक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए पहुंच रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि पेट्रोल-डीजल वाहनों के साथ ई.वी. भी शहर की सड़कों पर अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं और इनके लिए चार्जिंग सुविधा की जरूरत लगातार महत्वपूर्ण हो रही है।

फैडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) जम्मू-कश्मीर के चेयरपर्सन संजय अग्रवाल के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में इलैक्ट्रिक वाहन बाजार में धीरे-धीरे महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ वर्षों में उपभोक्ताओं की ई.वी. में रुचि बढ़ी है और ग्राहक इन्हें पारंपरिक पैट्रोल-डीजल वाहनों के व्यावहारिक विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह रुझान विशेष रूप से दोपहिया और यात्री वाहन श्रेणी में दिखाई दे रहा है। ग्राहक रनिंग लागत, रखरखाव, तकनीक और वाहन के स्वामित्व से जुड़े अनुभव को ध्यान में रखते हुए इलैक्ट्रिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। कारोबार और वाणिज्यिक उपयोगकर्त्ता भी ईवी की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।

अग्रवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर ई.वी नीति-2026 से इलैक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी आने की उम्मीद है। नीति के तहत पात्र ईवी ऋण पर ब्याज सब्सिडी, शुरुआती खरीदारों के लिए प्रोत्साहन और पात्र पुराने वाहनों को बदलने पर स्क्रैपेज आधारित प्रोत्साहन जैसे प्रावधान किए गए हैं, साथ ही चार्जिंग ढांचे, ई.वी. वित्तपोषण और बिक्री के बाद की सुविधाओं को बढ़ावा देने पर भी जोर है।

चार्जिंग ढांचा अगली वृद्धि के लिए अहम

अग्रवाल के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में ई.वी बाजार की अगली वृद्धि काफी हद तक पर्याप्त और भरोसेमंद चार्जिंग ढांचे पर निर्भर करेगी। आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों, शॉपिंग सैंटर, होटल व पर्यटन स्थलों, राजमार्गों व प्रमुख अंतर-शहरी मार्गों, पार्किंग क्षेत्रों, सरकारी परिसरों तथा डीलरशिप और सर्विस केंद्रों पर चार्जिंग सुविधाओं की जरूरत होगी। महत्वपूर्ण मार्गों पर फास्ट चार्जिंग सुविधा उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 

आंकड़ों में भी बढ़ी ई.वी की हिस्सेदारी

फाडा के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में यात्री वाहनों में ईवी की हिस्सेदारी 1.45 प्रतिशत रही, जबकि अगस्त 2025 में यह 0.80 प्रतिशत थी। दोपहिया वाहनों में ईवी की हिस्सेदारी 2.37 प्रतिशत से बढ़कर 3.06 प्रतिशत, वाणिज्यिक वाहनों में 0.13 प्रतिशत से बढ़कर 1.43 प्रतिशत और तिपहिया वाहनों में 73.03 प्रतिशत से बढ़कर 79.58 प्रतिशत हो गई।

अग्रवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर उपभोक्ताओं का बढ़ता रुझान उत्साहजनक है। हालांकि, आगे की वृद्धि के लिए चार्जिंग ढांचे के साथ उपभोक्ता जागरूकता, तकनीकी कौशल और सहायक सेवाओं में भी लगातार निवेश की जरूरत होगी।

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Content Editor

Neetu Bala

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