J&K के बर्फीले इलाकों में Census 2027 का अभियान सफल, Population Enumeration पूरी करने वाला पहला UT बना Ladakh
Tuesday, Oct 06, 2026-06:49 PM (IST)
जम्मू(संजीव दुबे/तनवीर सिंह): जनगणना-2027 के तहत जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के चिन्हित बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में जनसंख्या गणना चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी एवं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के निदेशक जनगणना संचालन अमित शर्मा ने इसे जनगणना-2027 की दिशा में एक महत्वपूर्ण परिचालन उपलब्धि करार दिया।
इस अभियान के तहत दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के निर्धारित बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में कुल 5,292 एन्क्यूमरेशन ब्लॉक्स को कवर किया गया, जिनमें जम्मू-कश्मीर के 4,597 और लद्दाख के 695 एन्क्यूमरेशन ब्लॉक्स (EB) शामिल हैं। इन दुर्गम क्षेत्रों में अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारी, विशेष फील्ड व्यवस्था तथा जिला प्रशासन और विशेष प्रभारियों के साथ समन्वय किया गया।
बर्फीले क्षेत्रों में जनसंख्या गणना से पहले 17 से 31 अगस्त 2026 तक स्व-गणना कराई गई। इसके बाद 1 से 30 सितंबर 2026 तक फील्ड अभियान चलाया गया। लद्दाख में सितंबर के दौरान सभी 695 एन्क्यूमरेशन ब्लॉक्स को कवर किया गया, जिनमें लेह के 367 और करगिल के 328 EB शामिल हैं। जनसंख्या गणना पूरी करने के साथ ही लद्दाख देश का पहला केंद्र शासित प्रदेश बन गया है जिसने जनगणना-2027 के लिए जनसंख्या गणना चरण पूरा किया है।
जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों के अभियान के दौरान 16 जिलों और 95 चार्जों को कवर किया गया। डोडा में 798 EB के साथ सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई, जबकि किश्तवाड़ में 602, रामबन में 418, रियासी में 345, कठुआ में 377, बारामुला में 359 और उधमपुर में 313 EB पूरे किए गए। किश्तवाड़ जिला देश का पहला जिला घोषित किया गया है जिसने जनगणना-2027 के लिए बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में जनसंख्या गणना पूरी की।
अमित शर्मा ने जिला प्रशासन, जनगणना अधिकारियों, विशेष प्रभारियों, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के समन्वित प्रयासों के साथ-साथ कठिन और दुर्गम क्षेत्रों के निवासियों द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के बावजूद अभियान का सफल समापन जनगणना मशीनरी की तैयारियों और प्रभावी फील्ड व्यवस्था को दर्शाता है।
अभियान की सफलता के लिए व्यापक पूर्व तैयारियां की गई थीं। जिलों में फील्ड प्रशिक्षण के लिए नोडल अधिकारियों और जिला समन्वयकों की तैनाती, एन्क्यूमरेशन ब्लॉक्स का निर्धारण, जनगणना किट का वितरण तथा निर्धारित मैनुअल को चार्ज अधिकारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई थी।
जनगणना संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पूरे अभियान पर करीबी नजर रखी। रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृणाल कुमार नारायण, आईएएस सहित वरिष्ठ अधिकारियों का अभियान को मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त हुआ।
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