Baramulla : पंजाबी को मिले आधिकारिक भाषा का दर्जा, पंचायत ने उठाई मांग
Tuesday, Oct 06, 2026-11:28 AM (IST)
बारामूला(रिजवान मीर): खालसा धार्मिक पंचायत बारामूला की ओर से आज आश्रम दीवान बाग बारामूला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान पंजाबी भाषा को आधिकारिक भाषाओं में शामिल नहीं किए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से पंजाबी को आधिकारिक भाषा का दर्जा देने की मांग की गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पंचायत के सदस्यों ने कहा कि पंजाबी दुनिया भर में बोली और समझी जाने वाली प्रमुख भाषाओं में शामिल है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर में भी पंजाबी भाषा को हिंदी और उर्दू के समान महत्व दिया जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि स्कूलों में पंजाबी भाषा को नियमित रूप से पढ़ाया जाए और इसे अनिवार्य विषय बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। वक्ताओं ने कहा कि विभिन्न समयों में आने वाली सरकारों की ओर से पंजाबी भाषा के विकास और इसे आधिकारिक दर्जा देने के वादे किए गए, लेकिन उनके अनुसार अब तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
खालसा धार्मिक पंचायत के सदस्यों ने मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल प्रशासन से अपील की कि पंजाबी भाषा से जुड़े इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करते हुए इसे आधिकारिक भाषाओं में शामिल करने के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों में इसकी पढ़ाई भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि खालसा धार्मिक पंचायत बारामूला पंजाबी भाषा के समर्थन में चल रहे आंदोलन और मांग का लगातार समर्थन करती रहेगी तथा जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ी रहेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेयरमैन एस. तेजपाल सिंह, अध्यक्ष एस. दारा सिंह (सेवानिवृत्त), महासचिव एस. जरनैल सिंह, मुख्य सलाहकार एस. निर्मल सिंह, सलाहकार एस. जगदेव सिंह, सलाहकार एस. करण सिंह, एस. दलजीत सिंह, एस. इंदरजीत सिंह सिंहपोरा, एस. इंदरजीत सिंह ख्वाजा बाग, एस. मनजीत सिंह, एस. कुलदीप सिंह, एस. करमवीर सिंह, एस. सुमित पाल सिंह सहित अन्य पंथ-दर्द लोगों ने भाग लिया।
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