J&K में सदियों पुरानी परंपरा आज भी जीवंत... घर-घर जाकर भक्तों के संकट हरते हैं हनुमान जी

Sunday, Oct 18, 2026-08:51 PM (IST)

 पुंछ ( धनुज ) :   सीमावर्ती जिला पुंछ में शारदीय नवरात्रों के दौरान सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ निभाई जा रही है। यहां भगवान हनुमान का स्वरूप धारण करने वाले व्यक्ति की यात्रा नवरात्रों के पहले दिन से शुरू होकर दशहरे तक जारी रहती है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके साथ चलते हैं और जगह-जगह भक्तिभाव का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है।

यह परंपरा राजा-महाराजाओं के समय से चली आ रही है, जिसे आज भी स्थानीय लोग पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। प्रतिदिन पुंछ स्थित श्री गीता भवन से हनुमान जी की यात्रा निकाली जाती है। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके साथ चलते हैं और अपने घरों में आमंत्रित कर पूजा-अर्चना करते हैं।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धालु हनुमान जी को अपने घर बुलाकर उनकी विधिवत पूजा करते हैं तथा दूध का भोग अर्पित करते हैं। हनुमान जी का स्वरूप धारण करने वाला व्यक्ति इस धार्मिक परंपरा के दौरान कड़े नियमों और अनुशासन का पालन करता है। भक्तों का विश्वास है कि भगवान हनुमान की कृपा से उनके कष्ट दूर होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।

नवरात्रों के दौरान पुंछ की गलियों और बाजारों में निकलने वाली यह धार्मिक यात्रा क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बनी हुई है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही इस परंपरा में आज भी लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिलती है। आधुनिक दौर में भी इस प्राचीन परंपरा का निरंतर जारी रहना पुंछ की समृद्ध धार्मिक संस्कृति और लोक आस्था को दर्शाता है। यह यात्रा न केवल श्रद्धालुओं को भगवान हनुमान के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त करने का अवसर देती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

जम्मू-कश्मीर की खबरें Instagram पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here


Content Editor

Neetu Bala

सबसे ज्यादा पढ़े गए

Related News